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Friday, January 9, 2009

मुंबई हमले के बाद हम अपना सारा ध्यान पाकिस्तान की आलोचना में लगा दिया.इश्मे कोई साख नही की इश्मे पाकिस्तान का हाथ है लेकिन हम भी इश्के लिए बराबर के जिमेवार हिया। यहाँ जिमेवारी लेने के लिए कोई नही ही। सभी केवल राजनीती करते है चाहे वे बीजेपी हो या कांग्रेस.महारास्त्र के होम मिनिस्टर कहेते है की बड़े सहेरो के लिए ये मामउली घटना है.खैर ये तो विदेशी मामला है शयद इसे रोकना हमारे वश की बात नही ?हम अपने देश के भीतर की समश्ये नही सुल्घा नही प् रहे है.चाहे जमू-कश्मीर हो या नॉर्थ -ईस्ट.गुजरात AURउड़ीसा में हुआ कत्लें हमारे माथे पे कलंक है.मराठी वेर्सेस नॉर्थ इंडियन भी हमारी असफलता है.असफलताओ की एक लम्बी सूचि बढ़ी जा रही है वो हमारी उतर्दयित्वा हीनता को पर्दर्शित करता है.

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