Monday, March 30, 2009
तुम्हारे बारे में लिखू रहा बिना तुम्हरी अनुमति के लकिन मेरे लिए यह जरुरी है.मेने तुम्हारे साथ कुछ बेहतरीन समय बिताया है.तुम्हे हमेशा लगता था की में तुम्हे नजरंदाज कर रहा जो कुछ हद तक सही है लकिन पुरी तरह नही.मैंने हमेशा अपने लिए तुम्हारे अन्दर जगह पाया .सोचो कितना बदनसीब हूँगा जो तुम्हे swikar नहीं सका.ये मत सोचना की तुम्हारा रंग सावला था इसलिए? जानती हो नेट तुम्हरी वजह से ही ज्वाइन किया है सायद तुमसे कभी इसके जरिये मिल सकू या तुमाहरे बारे में जानकारी मिल सके .ऑरकुट ज्वाइन इसलिए किया की तुम्हारे kअजिन का साइबर कैफे है शयद तुमसे contact बना रहेगा परन्तु ऐसा नहीं हो सका.सायद तुम ispe नहीं हो.उसदिन २२ दिसम्बर को जब तुमने मेरे मुह में केक kihlaya वो भी सर की मौगुदगी में और सबसे पहले तो mughse रहा नहीं गया औए मैंने भी तुम्हे .तुमने एक बार फिर साबित कर दिया था वो भी सबके सामने लकिन मै कायर ?वजह कुछ और थी मै तुम्हे बिच में छोडना नहीं चाहताथा . तुम्हे मिलता भी क्या मेरे साथ ?न मेरे future का koइ निशित है न mughe किसी का समर्थननहीं hai यहाँ तक मेरे माँ-बाप भी मेरे साथ नहीं? मेरा जिन्दगी पूरी तरह donation pur निर्भर है .मैंने जिन्दगी को जिया नहीं है बल्कि जंग सुम्झ्कर जिया है .कही भी रहो मै तुम्हारे साथ रहूँगा . बस अफ़सोस इतना है की तुम्हरे बारे में कोई न्यूज़ नहीं मिल रहा है.३-४ महीने पहले तुम्हरे घर तरफ मै गया था परन्तु?एक दिन रजनी को देखा था सोचा पुछु लकिन उसकी माँ साथ में थी.फिर उधर जा नहीं पाया.सायद अब तुम मुझे भूल जुकी होगी और यदि हा तो ये बहुत अचहोगा आखिर तिन साल हो गए .बस तुमसे एक बार मिलकर इस konphusion को दूर कर देना छठा था खसकर तुम्हरे रंग को लेकर .हमने भी प्यार किया परन्तु सिर्फ प्यार बिना किसी आशा के और करता रहूँगा अंतिम सास तक .जिस चिग की मुघे सकत जरुरत थुई उसे में स्वीकार नहीं सका.सायद भगवन मुघे पूरी तरह सोल्दिएर बना देना कहते है इसमें उनका भी कोई कसूर नहीं है मै ही कहता तह मै एक योधा हु जन्मजात ?
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